सट्टा मटका किंग बाजार गली दिसाबर लीक नम्बर

मैं आपको गेम देने से पहले आपसे 10,000 रुपये का चार्ज लेता था। फिर हमने सोंचा अभी सारे काम बंद हैं और लोगों के पास एडवांस जमा करने के लिए पैसे नहीं हो पा रहें हैं। हमने इस बात का निर्णय लिया कि हम ऐसे में सबकी मदद करें ओर उनसे अपना चार्ज गेम पास होने के बाद लिया जाए। इसके चलते लोगों ने मेरे साथ धोखा करना शुरू कर दिया। लोग गेम लेकर मेरा पेमेंट नहीं दे रहे हैं। इसके चलते भी हम लोगों को गेम देते रहे। मैंने करीब 15 दिन लोगों को गेम दिया। इनमें वो लोग ज्यादा थे जो मेरा पेमेंट ना करके दूसरे नंबर से मेसेज करते ओर गेम फिरसे लेकर हर बार की तरह पेमेंट नहीं करते। इसके चलते हमें 4 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा क्योंकि उन लोगों ने मुझे इतने भी पैसे नहीं दिए जो हमें गेम लेने के लिए पेमेंट करना होता है। इसके चलते हमने एक मामूली सा चार्ज फिर लागू कर दिया 599 रुपये यह कोई बड़ी रकम नहीं है क्योंकि ऐसा सिर्फ 20 नवम्बर 2020 तक ही रहेगा उसके बाद हमारा पुराने चार्ज को लागू कर दिया जाएगा। अब आपके दिमाग में एक सवाल आया होगा चार्ज इतना कम क्यों रखा है? इसका जवाब है लोगों की परेशानी ओर हम जिस कम्पनी से गेम लेते हैं उसका चार्ज आसानी से दे सकें। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हम आपसे गेम पास होने के बाद आपसे चार्ज नहीं लेंगे जैसे ही रिजल्ट आता है उसके बाद आपको 10,000 रुपये का पेमेंट करना होगा। धन्यवाद। http://wa.me/917080803326

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भारत में सट्टा मटका की शुरुआत आजादी से पहले से मानी जाती है। उस जमाने में सट्टा मटका पारंपारिक तरीके से खेला जाता था। आज टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव के कारण के समय सट्टा मटका को ऑनलाइन खेला जा सकता है लेकिन पहले सट्टा मटका ऑनलाइन नहीं खेला जाता था। उस समय मटके के अंदर पर्चियां डाली जाती थी और उसमें नंबर निकाला जाता था। शुरुआती समय में मटके के प्रयोग के कारण इस खेल को आज भी सट्टा मटका कहा जाता है। शुरुआत में कॉटन के दाम पर सट्टा खेला जाता था जो न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से टेलीप्रिंटर के जरिए बॉम्बे कॉटन एक्सचेंज भेजा जाता था। उस समय कॉटन के शुरु होने और बंद होने के दाम पर सट्टा खेला जाता था 


आज अधिकतर सट्टा मटका को ऑनलाइन खेला जाता है। इसे कई वेबसाइट और ऐप के जरिए खेला जाता है। हालांकि भारतम में सट्टा मटका खेलना कानूनी रूप से वैध नहीं है लेकिन फिर भी यह भारत के सबसे बड़े बिजनेस में से एक है। इसे चोरी-छिपे लाखों लोग खेलते हैं। खेलने वाले को कई नंबर्स में से किसी एक नंबर पर चुनना होता है और उसपर शर्त लगानी होती है। आपको सही नंबर चुनने पर ही जीता हुआ माना जाएगा। जो खिलाड़ी खेल जीतता है उसे सट्टा किंग कहा जाता है और जीतने के बदले उसे पैसे दिए जाते हैं

भारत में कई सट्टा मटका गेम चलते हैं लेकिन कल्याण और वर्ली सट्टा मटका (Indian Satta Matka) सबसे ज्यादा फेमस है। वर्ली मटका की शुरुआत कल्याणजी भगत ने 1962 में की थी जो गुजरात के एक किसान थे। यह मटका आज भी सातों दिन चलता है यानि सातों दिन इस गेम में पैसा लगाया जाता है। सट्टा मटका के नियमों में थोड़े बहुत बदलाव के साथ न्यू वर्ली मटका की शुरुआत 1964 में रतन खत्री ने की थी। रतन खत्री का मटका केवल हफ्ते के पांच दिन ही चलता है। सोमवार-शुक्रवार के बीच ही वर्ली मटका में गेम खेली जाती है। आधुनिक मटका बिजनेस ऑनलाइन खेला जाता है और इसका मुख्य केन्द्र महाराष्ट्र के आसपास ही है। इस खेल में कई तरह की टर्म का इस्तेमाल किया जाता है जिसका मतलब हम आपको नीचे दी गई टेबल में बता रहे हैं।

मटका का मतलब है इसका मतलब मिट्टी के मटके से होता है जिसमें पुराने समय में पर्चियां डाली जाती थी, सिंगल का मतलब 0-9 के बीच की कोई भी संख्या, पत्ती/पन्ना का मतलब तीन नंबरों की संख्या, जोड़ी/पेयर का मतलब 00-99 के बीच की कोई भी संख्या, ओपन रिजल्ट/क्लोज का मतलब रिजल्टमटका जुएं का नतीजा,        
बेरिज का मतलब जोड़ी के कुल जमा के अंतिम अंक। 
(लीक नम्बर लेने के लिये whatsapp करे चार्ज लगेगा 599 
रुपये 100% पास होगी)

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